तिलक लगाने का मंत्र – Tilak Mantra

स्वयं को टीका लगाने का मंत्र

ॐ स्वस्ति न इन्द्रो वृद्धश्रवा: स्वस्ति न: पूषा विश्ववेदा: ।

स्वस्ति नस्तार्क्ष्यो अरिष्टनेमि: स्वस्ति नो बृहस्पतिर्दधातु ।।

भगवान को इस मंत्र से तिलक लगायें

ॐ त्वांगंधर्वा अखन्स्त्वामिन्द्रस्त्वाम ब्रहस्पति: त्वमोषधे सोमो राजा विद्वान्यक्ष्मादमुच्चयत ।।

श्री खंड चंदनम दिव्यम गंधाढ्यम सुमनोहरम ।

विलेपनम सुरश्रेष्ठ चंदनम प्रतिगृहयताम ।।

पुरुषों को इस मंत्र से तिलक लगायें

ॐ भद्रमस्तु शिवम चास्तु महालक्ष्मी: प्रसीदतु रक्षंतुत्वाम सदा देवा: सम्पद: संतु सर्वदा ।

सपत्ना दुर्ग्रहा: पापा दुष्ट सत्वा ध्युपद्रवा: तमाल पत्र मालोक्य निष्प्रभावा भवन्तु ते ।।