आज बजी बधाई भोर, राधिका जनम… – Shri Radha Janam Badhai

Aaj Baji Badhai Bhor Radhika Janam Liyo

आज बजी बधाई भोर, राधिका जनम लियो ।।

सिंहपौर चढ़ ऊंचे टेरें, अपने-अपने पटुका फेरें

ऊंचे कर रहे सोर, राधिका जनम लियो ।

बजे निसान नगाड़े बारे, चोट दै रहे बल कर भारे

जैकारे दै रहे ज़ोर, राधिका जनम लियो ।

ग्वाला लै रहे पाग पिछोरा, लाल गुलाबी पीरे घौरा

धोती पीरे छोर, राधिका जनम लियो ।

लहंगा फरिया गोपी लै रहीं, रतनन के गहने लै पहरहिं

धन बरसै घनघोर, राधिका जनम लियो ।

धूम मचावें नांचे गावें, घूघट में ते सैन चलावें

मुसकावें मुख मोर, राधिका जनम लियो ।

सोने मढ़ी गाय के ठाठें, दूध दही माखन के माटें

अंगना में रहे फोर, राधिका जनम लियो ।

लोग परस्पर दै रहे हांसी, सबके परी प्रीति की फांसी

बंधे प्रेम की डोर, राधिका जनम लियो ।

बरसाने की गली गलिन में, रस बरसै गह्वर कुंजन में

सरसै सांकरी खोर, राधिका जनम लियो ।

ब्रह्माचल की ऊँची सिखरन, मंदिर मान होय नित गायन

मोर कुटी पै मोर, राधिका जनम लियो ।

सज कै बैठी कीरति रानी, गोद लिये लाली सुखदानी

सब ब्रज रस में बोर, राधिका जनम लियो ।

राधा नाम भयो रसदायी, राधा शरण रहत है कन्हाई

भजौ मोह कौ तोर, राधिका जनम लियो ।।

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