नन्द के भये नंदलाल, बिरज में… – Shri Krishna Janam Badhai

Nand Ke Bhaye Nandlal Brij Mei Anand Bhayo

नन्द के भये नंदलाल, बिरज में आनन्द भयो ।।

कौन ने पूजे कूआं बावड़ी, कौन ने पूजे ताल

यशोदा ने पूजे कूआं बावड़ी, नन्द जू ने पूजे ताल ।

कौन ने बाजे ढ़ोल मंजीरा, कौन के नगारे पै ढाल

यशोदा के बाजे ढ़ोल मंजीरा, नन्द जू के बाजे ढाल ।

कौन ने बांटे लडुआ गूंजा, कौन ने छकाये माल

जसुदा ने बांटे लडुआ गूंजा, नन्द जू ने छकाये माल ।

कौन पहराये लहंगा फरिया, कौन ने पटका माल

जसुदा पहराये लहंगा फरिया, नन्द जू ने पटका माल ।

कौन ने लुटाये गहना गुरिया, कौन ने हीरा लाल ।

नाचें गावें सब ब्रजवासी, उछर-उछर दै ताल

दै असीस मगन सब गोपी, चिरजीवो गोपाल ।।

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