गावो गावो री बधायो, रानी कीरति… – Shri Radha Janam Badhai

Gavo Gavo Ri Badhayo Rani Kirati Ke Ghar Aaj

गावो गावों री बधायो, रानी कीरति के घर आज ।।

रमक झमक के चलो भानुघर, साज धज के सब साज,

राजा श्री वृषभानु महल में, मंगल के भये काज ।

गाम गाम ते आई नारी, लोगन जुरे समाज,

धौंसा की धधकार सुनो जंह, ठाड़े हैं महाराज ।

बीना वैन और सारंगी, महुवर हू रहे बाज,

कोउ नाचै कोउ हांसी देवें, कौन करे हुवा लाज ।

अनहोनी भई लली सोहनी, लोकन की सरताज,

जाके प्रगट होत बरसाने, सबके दुख गये भाज ।

नंदगाँव ते नन्द जसोदा, आये महल विराज,

कीरति जसुदा भेंटी जैसे भेंटी हैं द्वै गाज ।

लाली ढिंग लाला पौढायो, जोरी अति छवि छाज,

पलना में खेलें और किलकें, रूप के दोउ जहाज ।।

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