श्री राधारानी कीर्तन ।। Shree Radharani Kirtan ।।

— तोहि बार-बार सुमिरूँ —

तोहि बार-बार सुमिरूँ हे राधारानी ।

तोहि निसिदिन सुमिरूँ हे राधारानी ।।

वृन्दावन की लता-पता में, मन्दिर बनौ आसानी ।

याके पीछे मान सरोवर, बाको निर्मल पानी ।। १ ।।

शंकर तेरौ ध्यान धरात हैं, अम्बे चँवर ढुरावै ।

ब्रह्मा तेरी करे आरती, वृन्दावन की रानी ।। २ ।।

सिंहासन पै बैठ लाड़िली, कैसो मान बढ़ावै ।

रूप देख के मोहन रीझै, चरनन शीश नवावै ।। ३ ।।

सखियाँ तेरो ध्यान धरत हैं, चरनन शीश नवावै ।

तेरे दर्शन करके राधे, जनम सुफल है जावै ।। ४ ।।

…………………..