श्री गणेश वन्दना।। Shree Ganesh Vandana ।।

श्री गणेश वन्दना ।। Shree Ganesh Vandana ।।

।। गणेश वन्दना ।।

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ।
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥

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गजानन कर दो बेड़ा पार, आज हम तुम्हें मनाते हैं।

तुम्हें मनाते हैं गजानन, तुम्हें मनाते हैं।।

सबसे पहले तुम्हें मनावें, सभी बीच में तुम्हें बुलावें।

गणपति आन पधारो, हम तो तुम्हें बुलाते हैं।।

आओ पार्वती के लाला, मूषक वाहन सूँड-सुंडाला।

जपें तुम्हारे नाम की माला, ध्यान लगाते हैं।।

उमापति शंकर के प्यारे, तू भक्तों के काज संवारे।

बड़े-बड़े पापी तारे, जो शरण में आते हैं।।

लड्डू पेड़ा भोग लगावें, पान सुपारी पुष्प चढ़ावें।

हाथ जोड़ के करें वन्दना, शीश झुकाते हैं।।

सब भक्तों ने टेर लगाई, सब ने मिलकर महिमा गाई।

ऋद्धि सिद्धि संग ले आओ, हम भोग लगाते हैं।।

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