प्यारी झूलन में रस बरसै झूलें चल के दोऊ आज – Savan Jhoola

Pyari Jhoolan Mei Ras Barsai Jhule Chal Ke Dou Aaj

प्यारी झूलन में रस बरसै झूलें चल के दोऊ आज ।

फूल रही कदमन की डाली

जमुना तीर निरखिये आली

नये नये कमलन की लाली

रेशम डोर हिंडोरा डारयौ सावन कौ सब साज ।

नवल किशोरी चढ़ी हिंडोरै

जैसे दामिनी लेत हिलोरै

गावें गीत चित्त को चोरे

सुन्दर श्याम राधिका गोरी ज्यों बादर संग गाज ।

इक हाथन तेडोरी पकरें

दूजे गलबैया में जकरें

झोटा ते पीताम्बर फहरे

जमुना जल ऊपर झूला उड़ रह्यो जैसे बाज ।

झोटा ज़ोर दिये गिरधारी

डरपन लगीं प्रिया सुकुमारी

बरजे नहिं मानें बनवारी

लिपट गईं घनश्याम लाल सौं जोरी अविचल राज ।

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