झूला झूल रहे पिय प्यारी, तीज हरियाली आई है – Savan Jhoola

Jhoola Jhool Rahe Piya Pyari, Teej Hariyali Aai Hai

झूला झूल रहे पिय प्यारी, तीज हरियाली आई है ।

हरी-हरी लता झूम रही प्यारी

छाय रहीं धरती पै न्यारी

मानों सारी हरी सँवारी

हरे हरे वृक्षन में ऋतु ये जोबन लाई है ।

श्यामा-श्याम हिंडोरे झूलें

अरस-परस ते मन में फूलें

प्यारी बतियाँ कह-कह भूलें

देखो देखो यह झूलन की ऋतु मन भाई है ।

डालन पै बैठे पंछी गन

खेलें चोंचन में दै चोंचन

पीवें बरसा के झीने कन

झूलन में रस बरसै कारी घटा सुहाई है ।

तीज मनावें पंछी ब्रज के

लाल लाडिली के उत्सव के

मोरा नाचें पंख खोल के

भँवरा छेडें खरज, रागिनी कोयल गाई है ।

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