कान्हा जनम लियौ आधी पै, घिर रही… – Shri Krishna Janm Badhai

Kanha Janam Liyo Aadhi Pai, Ghir Rahi Badariya Kaari

कान्हा जनम लियौ आधी पै, घिर रही बादरिया कारी ।

भादों कृष्ण अष्टमी आई

सब जग में अंधियारी छाई

नखत रोहिणी नभ में भाई

ताही समय चन्द्रमा ऊग्यौ सबकौ सुखकारी ।

जै जैकार मची अम्बर में

नाच रही अपसरा गगन में

गंधर्वन के गान तान में

चढ़ विमान सुर करन लगे फूलन बरसा भारी ।

नदियां सुख सौं बहन लगीं सब

फूली पृथ्वी पवन चल्यौ जब

चारों ओर भये मंगल तब

जीव चराचर सुखी भये सब सृष्टि भई प्यारी ।

अग्निहोत्र की अग्नि उठी जल

भय ते पहले बुझी कंस खल

साधुन के मन आनंद निश्चल

श्री देवी भू देवी मिल ब्रज छाईं कर यारी ।

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